अहमदाबाद में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
अहमदाबाद में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा साबरमती आश्रम में अनोखी ढंग से सुरक्षित है, जहाँ गांधीजी की 1917 में स्थापित प्रातः 4 बजे की प्रार्थना — आश्रम भजनावली का सस्वर पाठ और फिर मौन ध्यान — आज भी आश्रमवासी और रात्रिप्रवास करने वाले अतिथि निभाते हैं। यह एकमात्र बड़ा भारतीय नगर है जहाँ ब्रह्म मुहूर्त की साधना को नागरिक और राजनीतिक अनुशासन बना दिया गया। अक्षरधाम गांधीनगर (नगर से 24 किमी उत्तर) सुबह 5:30 बजे मंगला आरती और सूर्योदय पर महाआरती करता है। जमालपुर का जगन्नाथ मंदिर — वार्षिक रथ यात्रा का स्थल — 5 बजे प्रातः आरती शुरू करता है, और मूर्ति-तैयारी ब्रह्म मुहूर्त से होती है। पुराने शहर की पोल हवेलियों (खाड़िया, कालुपुर) में आज भी कुछ धर्मनिष्ठ परिवार पौने पाँच बजे जैन प्रतिक्रमण करते हैं, और एस.जी. हाईवे का इस्कॉन मंदिर 4:30 बजे मंगला आरती करता है।
