राजस्थान, India

जयपुर में ब्रह्म मुहूर्त — आज का सटीक समय

जयपुर (राजस्थान) के अक्षांश 26.9124° और देशांतर 75.7873° पर आज 13 मई 2026 के लिए गणना — हर पृष्ठ-लोड पर ताज़ा, कोई कैश नहीं।

आज का ब्रह्म मुहूर्त

4:04 पूर्वाह्न4:52 पूर्वाह्न

अवधि: 48 मिनट (एक घटी)। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त होता है।

आज का सूर्योदय

5:40 पूर्वाह्न

सूर्योदय का समय आपकी सटीक स्थिति के अनुसार NOAA सौर-स्थिति एल्गोरिथम से गणना किया गया है।

आज का पंचांग

वार
BUDHAVARA
तिथि
Ekadashi Krishna
नक्षत्र
Uttara Bhadrapada
योग
Vishkumbha

पंचांग डेटा VastuCart पंचांग API से।

जयपुर में अगले 7 दिनों का ब्रह्म मुहूर्त

तिथिब्रह्म मुहूर्तसूर्योदय
आज13 मई 20264:04 पूर्वाह्न4:52 पूर्वाह्न5:40 पूर्वाह्न
14 मई 20264:03 पूर्वाह्न4:51 पूर्वाह्न5:39 पूर्वाह्न
15 मई 20264:03 पूर्वाह्न4:51 पूर्वाह्न5:39 पूर्वाह्न
16 मई 20264:02 पूर्वाह्न4:50 पूर्वाह्न5:38 पूर्वाह्न
17 मई 20264:02 पूर्वाह्न4:50 पूर्वाह्न5:38 पूर्वाह्न
18 मई 20264:01 पूर्वाह्न4:49 पूर्वाह्न5:37 पूर्वाह्न
19 मई 20264:01 पूर्वाह्न4:49 पूर्वाह्न5:37 पूर्वाह्न

जयपुर में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा

जयपुर का ब्रह्म मुहूर्त गोविंद देवजी से जुड़ा है — चौकपालेस में स्थित प्रमुख वैष्णव मंदिर, जहाँ 4:30 बजे होने वाली मंगला आरती किसी भी उत्तर भारतीय मंदिर के सबसे जल्दी दर्शनों में से एक है और एक बड़े नगर-आयोजन सी मानी जाती है। आरती दर्शन की खिड़की ठीक 15 मिनट की है; जाड़ों में लोग साढ़े तीन बजे से क़तार में लग जाते हैं। मंदिर का इतिहास सवाई जय सिंह द्वितीय तक जाता है, जिन्होंने 1715 में बृंदावन से लाई गई गोविंद देव की मूर्ति के लिए यह मंदिर बनवाया। नगर के दक्षिण-पूर्व में अरावली की तलहटी पर बना गलता जी ('मंकी टेंपल') 5 बजे अभिषेकम करता है, और प्राकृतिक कुंड में पूर्व-भोर का स्नान किया जाता है। सांघी जी जैन मंदिर 4:30 बजे प्रातः प्रतिक्रमण करता है। 1734 में निर्मित जंतर मंतर वेधशाला — दुनिया के उन गिनेचुने यंत्रों में से है जो संध्या-समय की सटीक गणना के लिए बने थे।

जयपुर का सूर्योदय कैसे बदलता है

जयपुर 26.91° उत्तर पर है — दिल्ली और अहमदाबाद के अक्षांशों के बीच। साल भर में सूर्योदय जून के 5:23 बजे से दिसंबर अंत के 7:11 बजे तक लगभग 108 मिनट खिसकता है। 1734 में बने जंतर मंतर के सौर यंत्र ठीक इसी अक्षांश के लिए अंशांकित किए गए थे।

ब्रह्म मुहूर्त क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की 96-मिनट की वह खिड़की है जिसे वैदिक परंपरा दिन का सबसे आध्यात्मिक रूप से सक्रिय प्रहर मानती है। यह सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त होता है — 48 मिनट के दो घटी।

अक्सर पूछे गए प्रश्न

गोविंद देवजी की मंगला आरती इतनी प्रसिद्ध क्यों है?

गोविंद देवजी 4:30 बजे मंगला आरती करता है — किसी भी उत्तर भारतीय वैष्णव मंदिर में सबसे जल्दी की आरतियों में से एक। 15 मिनट की दर्शन-खिड़की में हज़ारों भक्त आते हैं; मूर्ति वही गोविंद देव विग्रह है जिसे 1715 में सवाई जय सिंह द्वितीय बृंदावन से लाए, इसलिए वंश-परंपरा चैतन्य परंपरा से अटूट है।

क्या जयपुर के ब्रह्म मुहूर्त में जंतर मंतर देखा जा सकता है?

जंतर मंतर दर्शकों के लिए 9 बजे खुलता है, इसलिए यंत्र ब्रह्म मुहूर्त के समय सीधे नहीं देखे जा सकते। पर वेधशाला संध्या-संक्रमणों — किसी भी मौसम में उगते सूर्य के समय और स्थान — को मापने के लिए बनी थी, जिनका उपयोग ऐतिहासिक रूप से मुहूर्त-खिड़कियाँ निर्धारित करने में होता था।

ब्रह्म मुहूर्त का सटीक समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले से सूर्योदय से 48 मिनट पहले तक रहता है — 48 मिनट के दो घटी। चूँकि सूर्योदय आपके स्थान और तिथि पर निर्भर करता है, सटीक घड़ी का समय रोज़ बदलता है। इस पृष्ठ पर अपना नगर चुनें — आज की सटीक खिड़की हर पृष्ठ-लोड पर ताज़ा गणना से मिलेगी।

ब्रह्म मुहूर्त को शुभ क्यों माना जाता है?

तीन सरल कारण। यातायात और औद्योगिक गतिविधि शुरू होने से पहले हवा साफ़ होती है — किसी भी शहर के घंटा-वार वायु-गुणवत्ता डेटा पर सत्यापित। संसार शांत होता है, इसलिए ध्यान कम बँटता है। और आपके मन को फ़ोन, समाचार, या दूसरों की चिंता ने अभी नहीं खींचा। परंपरा ने इस टिप्पणी को 'अष्टांग हृदय' (सूत्रस्थान 2.1), 'चरक संहिता' (सूत्रस्थान 5.8), और 'विष्णु पुराण' (6.6.10) जैसे ग्रंथों में दर्ज किया है — सब इसे भीतर-काम के लिए सबसे उपयोगी प्रहर कहते हैं।

क्या ब्रह्म मुहूर्त भारत के बाहर भी लागू होता है?

हाँ। ब्रह्म मुहूर्त आपके स्थानीय सूर्योदय के सापेक्ष परिभाषित होता है, भारतीय मानक समय के सापेक्ष नहीं। यदि आप लंदन, न्यूयॉर्क, या सिंगापुर में रहते हैं, तो आपका ब्रह्म मुहूर्त वह 96 मिनट है जो आपके स्थानीय सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त होते हैं। वही वैदिक तर्क लागू है — केवल घड़ी के समय आपके अक्षांश-देशांतर के साथ बदलते हैं।

अन्य नगरों में ब्रह्म मुहूर्त का समय

ब्रह्म मुहूर्त समय स्थान के सूर्योदय पर निर्भर करता है — हर नगर का अपना समय है।