चेन्नई में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
चेन्नई का ब्रह्म मुहूर्त तमिल मंदिर-व्याकरण से बँधा है — हर बड़े मंदिर का भोर का विशिष्ट विधान है। मैलापुर के कपालीश्वर मंदिर में 5 बजे विश्वरूप दर्शन होते हैं और मुक्कुर लक्ष्मी नरसिंह आचार्य द्वारा रचित तमिल सुप्रभातम वंशानुगत अर्चकों द्वारा सुनाया जाता है; पूर्वी आकाश के अँधेरे में ही पहला तेल का दीप जलता है। त्रिप्लिकेन के पार्थसारथी मंदिर का ब्रह्म मुहूर्त तिरुमंजनम वैष्णव पंचरात्र आगम से जुड़ा है — उत्सव विग्रह को मुहूर्त के मध्य-बिंदु पर ही जलाभिषेक होता है। तिरुवनमियूर के मरुंदीश्वर मंदिर में शिव अभिषेक 5 बजे शुरू होता है, और बेसेन्ट नगर के अष्टलक्ष्मी मंदिर से बंगाल की खाड़ी का सूर्योदय सीधे दिखता है। म्यूज़िक अकेडमी क्षेत्र में कर्नाटक गायक त्यागराज के समय से ब्रह्म मुहूर्त में रियाज़ करते आए हैं।
