मुंबई में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
मुंबई का ब्रह्म मुहूर्त उन मंदिरों का है जो लोकल ट्रेनों से पहले खुलते हैं। जुहू का इस्कॉन मंगला आरती सुबह 4:30 बजे करता है — एकादशी पर यहाँ चार सौ से अधिक भक्त आते हैं और यह नगर की सबसे पुरानी सामूहिक भोर-सभाओं में से एक है। प्रभादेवी के सिद्धिविनायक की काकड़ आरती की पंक्ति 5:30 बजे लगती है, पर मुख्य पुजारी रात्रि-संकल्प और न्यास सवा चार बजे से करते हैं। मरीन लाइन्स के पास बाबुलनाथ मंदिर में शिव अभिषेक 5 बजे से शुरू होता है, और महालक्ष्मी मंदिर का पहला शंखनाद अरब सागर के क्षितिज पर सूर्य उगने के साथ गूंजता है। टिलक ब्रिज से मुलुंड तक फैली अयंगर योग परंपरा 1950 के दशक से ब्रह्म मुहूर्त के अभ्यास को मूल अनुशासन मानती आ रही है।
