उत्तर प्रदेश, India

कानपुर में ब्रह्म मुहूर्त — आज का सटीक समय

कानपुर (उत्तर प्रदेश) के अक्षांश 26.4499° और देशांतर 80.3319° पर आज 13 मई 2026 के लिए गणना — हर पृष्ठ-लोड पर ताज़ा, कोई कैश नहीं।

आज का ब्रह्म मुहूर्त

3:48 पूर्वाह्न4:36 पूर्वाह्न

अवधि: 48 मिनट (एक घटी)। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त होता है।

आज का सूर्योदय

5:24 पूर्वाह्न

सूर्योदय का समय आपकी सटीक स्थिति के अनुसार NOAA सौर-स्थिति एल्गोरिथम से गणना किया गया है।

आज का पंचांग

वार
BUDHAVARA
तिथि
Ekadashi Krishna
नक्षत्र
Uttara Bhadrapada
योग
Vishkumbha

पंचांग डेटा VastuCart पंचांग API से।

कानपुर में अगले 7 दिनों का ब्रह्म मुहूर्त

तिथिब्रह्म मुहूर्तसूर्योदय
आज13 मई 20263:48 पूर्वाह्न4:36 पूर्वाह्न5:24 पूर्वाह्न
14 मई 20263:47 पूर्वाह्न4:35 पूर्वाह्न5:23 पूर्वाह्न
15 मई 20263:47 पूर्वाह्न4:35 पूर्वाह्न5:23 पूर्वाह्न
16 मई 20263:46 पूर्वाह्न4:34 पूर्वाह्न5:22 पूर्वाह्न
17 मई 20263:45 पूर्वाह्न4:33 पूर्वाह्न5:21 पूर्वाह्न
18 मई 20263:45 पूर्वाह्न4:33 पूर्वाह्न5:21 पूर्वाह्न
19 मई 20263:45 पूर्वाह्न4:33 पूर्वाह्न5:21 पूर्वाह्न

कानपुर में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा

कानपुर का ब्रह्म मुहूर्त संस्कार उन मंदिरों में जीवित है जिन्हें 19वीं सदी के औद्योगिक परिवारों ने स्थापित किया। 1953 में सिंघानिया परिवार द्वारा कल्पी रोड पर बना जे.के. मंदिर (राधाकृष्ण मंदिर) पूर्वाभिमुख संगमरमर के गर्भगृह में 5 बजे मंगला आरती करता है — विषुव पर पहली सूर्य-किरण मूर्ति के चरणों पर पड़ती है। महेश्वरी मोहाल का जैन ग्लास मंदिर — काँच-मोज़ेक की सजावट के लिए प्रसिद्ध — 5:30 बजे सबसे जल्दी दर्शन देता है। गोविंद नगर का इस्कॉन कानपुर 4:15 बजे मंगला आरती करता है। नगर से 25 किमी दूर गंगा-तट पर स्थित बिठूर ब्रह्मावर्त घाट कार्तिक पूर्णिमा स्नान का बड़ा ब्रह्म मुहूर्त तीर्थ है — साढ़े तीन बजे से तट की चौड़ी पत्थर-सीढ़ियाँ श्रद्धालुओं से भर जाती हैं। कल्याणपुर का तुलसी उपवन आश्रम — स्वामी अखंडानंद के एक शिष्य द्वारा स्थापित — सुबह 4 बजे केवल वेदांत-स्वाध्याय करता है।

कानपुर का सूर्योदय कैसे बदलता है

कानपुर 80.33° पूर्व और 26.45° उत्तर पर है — यहाँ सूर्योदय उसी तिथि पर दिल्ली से लगभग 15 मिनट और लखनऊ से 2 मिनट पहले होता है। नगर से 25 किमी पश्चिम बिठूर के पूर्वाभिमुख गंगा-घाट दोआब क्षेत्र के साफ़ पूर्व-भोर नदी-क्षितिजों में से एक हैं।

ब्रह्म मुहूर्त क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की 96-मिनट की वह खिड़की है जिसे वैदिक परंपरा दिन का सबसे आध्यात्मिक रूप से सक्रिय प्रहर मानती है। यह सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त होता है — 48 मिनट के दो घटी।

अक्सर पूछे गए प्रश्न

जे.के. मंदिर की ब्रह्म मुहूर्त आरती में क्या ख़ास है?

जे.के. मंदिर ऐसे बनवाया गया कि गर्भगृह पूर्वाभिमुख हो — वसंत और शरद विषुव पर सूर्योदय की पहली किरण सीधे मूर्ति के चरणों पर पड़ती है। 5 बजे की मंगला आरती इस तरह समाप्त होती है कि आसमान 'अरुण' (पूर्व-भोर का लाल) रंग ले — यह उन गिने-चुने वास्तु-संवेदी ब्रह्म मुहूर्त-उपासनाओं में से है।

क्या बिठूर का गंगा-घाट ब्रह्म मुहूर्त में जाने योग्य है?

विशेषकर कार्तिक पूर्णिमा स्नान (अक्टूबर–नवंबर) में, हाँ — बिठूर का ब्रह्मावर्त घाट हरिद्वार और वाराणसी के बाद गंगा के सबसे महत्वपूर्ण ब्रह्म मुहूर्त तीर्थों में है। चौड़ी पत्थर की सीढ़ियाँ और पूर्वमुखी नदी साफ़ क्षितिज देते हैं। कार्तिक के बाहर भीड़ कम होती है और घाट शांत रहते हैं।

ब्रह्म मुहूर्त का सटीक समय क्या है?

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले से सूर्योदय से 48 मिनट पहले तक रहता है — 48 मिनट के दो घटी। चूँकि सूर्योदय आपके स्थान और तिथि पर निर्भर करता है, सटीक घड़ी का समय रोज़ बदलता है। इस पृष्ठ पर अपना नगर चुनें — आज की सटीक खिड़की हर पृष्ठ-लोड पर ताज़ा गणना से मिलेगी।

ब्रह्म मुहूर्त को शुभ क्यों माना जाता है?

तीन सरल कारण। यातायात और औद्योगिक गतिविधि शुरू होने से पहले हवा साफ़ होती है — किसी भी शहर के घंटा-वार वायु-गुणवत्ता डेटा पर सत्यापित। संसार शांत होता है, इसलिए ध्यान कम बँटता है। और आपके मन को फ़ोन, समाचार, या दूसरों की चिंता ने अभी नहीं खींचा। परंपरा ने इस टिप्पणी को 'अष्टांग हृदय' (सूत्रस्थान 2.1), 'चरक संहिता' (सूत्रस्थान 5.8), और 'विष्णु पुराण' (6.6.10) जैसे ग्रंथों में दर्ज किया है — सब इसे भीतर-काम के लिए सबसे उपयोगी प्रहर कहते हैं।

क्या ब्रह्म मुहूर्त भारत के बाहर भी लागू होता है?

हाँ। ब्रह्म मुहूर्त आपके स्थानीय सूर्योदय के सापेक्ष परिभाषित होता है, भारतीय मानक समय के सापेक्ष नहीं। यदि आप लंदन, न्यूयॉर्क, या सिंगापुर में रहते हैं, तो आपका ब्रह्म मुहूर्त वह 96 मिनट है जो आपके स्थानीय सूर्योदय से 48 मिनट पहले समाप्त होते हैं। वही वैदिक तर्क लागू है — केवल घड़ी के समय आपके अक्षांश-देशांतर के साथ बदलते हैं।

अन्य नगरों में ब्रह्म मुहूर्त का समय

ब्रह्म मुहूर्त समय स्थान के सूर्योदय पर निर्भर करता है — हर नगर का अपना समय है।