बेंगलुरु में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
बेंगलुरु का ब्रह्म मुहूर्त राजाजीनगर की हरे कृष्ण हिल पर बने इस्कॉन बेंगलुरु से जुड़ा है — यहाँ मंगला आरती सुबह 4:15 बजे होती है, जो किसी भी बड़े भारतीय महानगर में सबसे जल्दी की आरतियों में से एक है, और पहाड़ी पर चढ़ना ही अभ्यास का हिस्सा है। गवीपुरम के गवी गंगाधरेश्वर मंदिर की वास्तु में ऐसी अनूठी रचना है कि मकर संक्रांति की भोर में उदय होता सूर्य एक पत्थर के झरोखे से शिवलिंग पर पड़ता है — यह दृश्य देखने के लिए भक्त ब्रह्म मुहूर्त में ही पंक्ति में लग जाते हैं। व्हाइटफ़ील्ड के बृंदावन में सत्य साईं केंद्र पौने पाँच बजे सुप्रभातम का पाठ करता है। बसवनगुड़ी का बैल मंदिर 6 बजे खुलता है, पर आसपास के गांधी बाज़ार की माधव और स्मार्थ ब्राह्मण गलियों में संध्या वंदना अब भी ब्रह्म मुहूर्त में होती है।
