दिल्ली में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
दिल्ली में ब्रह्म मुहूर्त की परंपराएँ कई परतों में जीवित हैं। बंगला साहिब गुरुद्वारे में आसा दी वार का कीर्तन तड़के साढ़े तीन बजे शुरू होता है — यही सिख परंपरा का 'अमृत वेला' है जो ब्रह्म मुहूर्त से ठीक मेल खाता है। मंदिर मार्ग का बिड़ला मंदिर साढ़े पाँच बजे मंगला आरती करता है, और यमुना पार के अक्षरधाम के साधक भोर चार बजे की संध्या वंदना नियम से करते हैं। कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में मंगलवार को सबसे पहले दर्शनार्थी पौने पाँच बजे आते हैं, और करोल बाग़ की वैदिक पाठशालाओं में ऋग्वेद का सस्वर पाठ सूर्योदय से पहले होता है। राजधानी होने के बावजूद दिल्ली का यह भोर-नियम अब महानगर की सामान्य लय नहीं रहा, पर मंदिरों और संगतों में अभी ज़िंदा है।
