भोपाल में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
भोपाल का ब्रह्म मुहूर्त इसकी झीलों से जुड़ा है — बड़ा तालाब (अपर लेक) और छोटा तालाब, दोनों के पूर्वी तटों पर मंदिर हैं। अरेरा हिल्स का बिड़ला मंदिर 5:30 बजे मंगला आरती करता है, और मंदिर की ऊँचाई से बड़ा तालाब के ऊपर पूर्वी क्षितिज खुला दिखता है। बड़ा बाग़ जैन मंदिर परिसर 4:30 बजे प्रतिक्रमण करता है, उसी वंश-परंपरा में जो नगर के पुराने जैन व्यापारी परिवारों की है। भोपाल से 40 किमी उत्तर-पूर्व सांची — यूनेस्को विश्व धरोहर बौद्ध स्थल — सर्दियों में महाबोधि सोसायटी द्वारा आयोजित ब्रह्म मुहूर्त ध्यान-यात्राओं की मेज़बानी करता है। 28 किमी दूर भोजपुर का भोजेश्वर मंदिर — भारत के सबसे बड़े अधूरे शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध — 5 बजे पहला अभिषेकम करता है। शाहपुरा झील का ब्रह्म कुमारी आश्रम रोज़ 4 बजे राज योग ध्यान करता है, जो प्रथम-समय आगंतुकों के लिए संक्षिप्त परिचय के साथ खुला है।
