फ़रीदाबाद में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
फ़रीदाबाद का ब्रह्म मुहूर्त संस्कार दिल्ली एनसीआर का उपग्रह होने से ढला है — यहाँ का अधिकांश ब्रह्म मुहूर्त-पालन बड़े सार्वजनिक मंदिरों के बजाय घरों में होता है। सेक्टर 6 का शीतला माता मंदिर 5 बजे मंगला आरती करता है, विशेषकर चैत्र और आश्विन (नवरात्रि) के शुक्ल पक्ष में। पुरानी मथुरा रोड का आर्य समाज फ़रीदाबाद रविवार को सुबह 5 बजे ब्रह्म मुहूर्त में दैनिक वैदिक हवन करता है, संस्कृत में संध्या वंदन और हिंदी में अनुवाद के साथ। पास का सूरजकुंड क्रेटर — 11वीं सदी में तोमर राजा सूरज पाल द्वारा बनाया गया जलाशय — सूर्योदय की सूर्य नमस्कार-परंपरा से जुड़ा है; सूरजकुंड मेला क्षेत्र का चौड़ा पूर्वी क्षितिज पूर्व-भोर के दर्शन के लिए उत्तम है। बंधवाड़ी का साईं बाबा मंदिर 5:30 बजे से आरती करता है। पुराने फ़रीदाबाद के बाटा चौक की गलियों के अधिकांश ब्राह्मण परिवार आज भी घर पर 5 बजे संध्या वंदना करते हैं — यह परंपरा नगर के औद्योगिक विस्तार से अप्रभावित रही है।
