वडोदरा में ब्रह्म मुहूर्त की परंपरा
वडोदरा का ब्रह्म मुहूर्त गायकवाड़-कालीन नगर-व्यवस्था में सुरक्षित है। छावनी क्षेत्र का EME (दक्षिणामूर्ति) मंदिर 5 बजे मंगला आरती करता है — अनूठे जियोडेसिक डोम गर्भगृह वाला यह मंदिर भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जो भारतीय सेना द्वारा नागरिक उपासना के लिए बनाया गया। अकोटा अक्षरधाम परिसर 5:30 बजे मंगला विधि करता है, और BAPS स्वामीनारायण साधुओं की दिनचर्या ब्रह्म मुहूर्त ध्यान से शुरू होती है। सयाजी बाग़ क्षेत्र के आसपास के आश्रम — जिनमें 1899 में सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय द्वारा स्थापित एक वेद पाठशाला शामिल है — रोज़ 4:30 बजे ऋग्वेद-पाठ निभाते हैं। वडोदरा से 50 किमी दूर चांपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क में पावागढ़ पहाड़ी के शिखर पर कालिका माता मंदिर है, जहाँ नवरात्रि में पूर्व-भोर की चढ़ाई स्वयं ब्रह्म मुहूर्त-व्रत है। सयाजीगंज का इस्कॉन वडोदरा 4:30 बजे मंगला आरती करता है और उसी समय छात्रों के लिए गीता पाठशाला चलाता है।
